Directors Profile

श्री मनीष गुप्ता, सरकार नामिती निदेशक

श्री मनीष गुप्ता को 16 अप्रैल 2014 से प्रभावी कर बैंक के बोर्ड में भारत सरकार के नामिती निदेशक के रूप में केन्द्र सरकार द्वारा नामित किया गया है।

श्री मनीष गुप्ता वित्तीय सेवा विभाग, वित्त मंत्रालय में निदेशक के रूप में कार्य कर रहे हैं।  वर्तमान में, वे कृषि ऋण संभाल रहे हैं। श्री गुप्ता आईआरएसईई (इलेक्ट्रिकल इंजीनियर्स की भारतीय रेल सेवा) के अधिकारी हैं और भारत सरकार में 19 वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं। इससे पहले, आप भारतीय रेलवे में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। आपने कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टैक्नोलॉजी, नई दिल्ली से स्नातक की उपाधि तथा आईआईटी, रुड़की से मापन और इंस्ट्रूमेंटेशन में (स्वर्ण पदक विजेता) स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की।  आपने 2009 में राष्ट्रीय वित्तीय प्रबंधन संस्थान, फरीदाबाद से वित्तीय प्रबंधन में विशेषज्ञता के साथ एमबीए की उपाधि प्राप्त की।

श्री प्रद्युम्न के. जेना, भारतीय रिजर्व बैंक नामिती निदेशक

श्री प्रद्युम्न कुमार जेना, मुख्य महाप्रबंधक, भारतीय रिजर्व बैंक, नागपुर को भारत सरकार द्वारा 23 फ़रवरी 2015 से बैंक के निदेशक मंडल में भारतीय रिजर्व बैंक नामिती के रूप में नामित किया गया है।

श्री जेना, जो राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त हैं और भारतीय बैंकर संस्थान के प्रमाणित एसोसिएट हैं, ने 1982 में भारतीय रिज़र्व बैंक में प्रबंधक के रूप में कार्यभार संभाला और विभिन्न विभागों जैसे, नकद (निर्गम विभाग), सार्वजनिक ऋण प्रबंधन, गैर-बैंकिंग पर्यवेक्षण, ग्रामीण आयोजना और ऋण विभाग में कार्य करते हुए प्रचुर अनुभव प्राप्त किया।

आपने सहायक महाप्रबंधक के पद पर भुवनेश्वर में स्थापना और शहरी बैंक विभाग में अपनी सेवाएँ पदान की और 1994 में उप महाप्रबंधक के रूप में पदोन्नति पर आपको बैंकिंग लोकपाल के सचिव के पद पर नियुक्त किया गया और आपने बैंकिंग पर्यवेक्षण, एनसीसी और विदेशी मुद्रा विभाग भी संभाला। महाप्रबंधक के रूप में, आपने गैर-बैंकिंग पर्यवेक्षण, बैंकिंग पर्यवेक्षण, ग्रामीण आयोजना और ऋण विभाग तथा शहरी बैंक विभाग जैसे विभिन्न विभागों में कार्य किया।

मुख्य महाप्रबंधक के रूप में पदोन्नति पर, श्री जेना ने भारतीय रिजर्व बैंक के गुवाहाटी कार्यालय में पूर्वोत्तर के सभी सात राज्यों के लिए 2012 से 2014 तक क्षेत्रीय निदेशक के रूप में सेवाएँ दीं और फ़रवरी 2014 को उन्हें भारतीय रिज़र्व बैंक के नागपुर स्थित केंद्रीय लेखा अनुभाग में तैनात किया गया, संप्रति वे अपने इस वर्तमान पद पर कार्यरत हैं।

श्री देवरकोंड दीप्तिविलास (गैर-सरकारी निदेशक)

Shri Deverakonda Diptivilasa (Non-official Director)	photoश्री देवरकोंड दीप्तिविलास, आयु 61 वर्ष, सेवानिवृत्त आयुक्त, समाज कल्याण, उत्तर प्रदेश सरकार को भारत सरकार द्वारा बैंक के निदेशक मंडल में अंशकालिक गैर-सरकारी निदेशक के रूप में 25 अप्रैल 2016 से प्रभावी करते हुये तीन वर्ष की अवधि के लिए नियुक्त किया गया है।

श्री दीप्तिविलास, आईएएस (यूपी कैडर-1981) हैं और कला में स्नातक और बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त हैं। उन्होंने विकास अर्थशास्त्र (मैनचेस्टर विश्वविद्यालय) में स्नातकोत्तर डिप्लोमा भी पूर्ण किया है और ऋण प्रशासन एवं विकास अर्थशास्त्र में विशेष ज्ञान सहित बैंकिंग परिचालन में प्रत्यक्ष अनुभव हासिल किया है।

श्री दीप्तिविलास ने 4 वर्ष से अधिक की अवधि के लिए पंजाब नेशनल बैंक में वित्तीय विश्लेषक के रूप में काम करने का अनुभव सहित आईआईएम, अहमदाबाद में वित्त में विशेषज्ञता भी प्राप्त की है। शहरी विकास मंत्रालय, भारत सरकार में अपर सचिव, दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन लिमिटेड, राष्ट्रीय भवन निर्माण निगम लिमिटेड के निदेशक सहित प्रशासनिक सेवाओं में लगभग 33 वर्ष के अपने कैरियर में उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया और उन्हें विभिन्न स्तरों पर नीति, प्रबंधकीय और कार्यान्वयन के क्षेत्रों में अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, आप, विश्व बैंक में पानी से संबंधित पोर्टफोलियो की निगरानी के कार्य में लघु अवधि के लिए सलाहकार के रूप में कार्यरत हैं।

श्री सुशोभन सरकार (शेयरधारक निदेशक)

श्री सुशोभन सरकार, जो वर्तमान में भारतीय जीवन बीमा निगम में प्रबंध निदेशक हैं, को बैंक के शेयरधारक निदेशक के रूप में चुना गया और उन्होंने 23 अगस्त, 2011 को बैंक के निदेशक मंडल में कार्यभार ग्रहण किया।

उन्हें भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) में तीन दशकों से अधिक का करियर अनुभव प्राप्त है।

वे निवेश, आस्ति प्रबंधन, जीवन बीमा विपणन, आवास वित्त आदि के क्षेत्र में एलआईसी और इसकी सहयोगी कंपनियों में विभिन्न पदों पर कार्य करते रहे हैं।

वे भारतीय रिज़र्व बैंक, इरडा की समितियों और द क्लियरिंग कार्पोरेशन ऑफ इंडिया लि. के बोर्ड में सदस्य भी रहे।

अब वे बोर्ड ऑफ इन्फास्ट्रक्चर लीसिंग एण्ड फाइनेंश्यल सर्विसस लि (आईएल&एफएस) के निदेशक मण्डल में हैं।

श्री सरकार को बीएससी (ऑनर्स) उपाधि प्राप्त है और जमनालाल बजाज इन्सटिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज़ (जेबीआईएमएस), मुंबई से प्रबंधन अध्ययन में डिप्लोमा प्राप्त है।

वे जेबीआईएमएस, मुंबई विश्वविद्यालय से वित्तीय प्रबंधन में स्नातकोत्तर उपाधि धारक भी हैं।

सुश्री चित्रा गौरी लाल, शेयरधारक निदेशक

   सुश्री चित्रा गौरी लाल, आयु 63 वर्ष, उत्तर प्रदेश के नोइडा निवासी हैं, एम.एससी.(वित्तीय अध्ययन) में स्नातकोत्तर, सामाजिक विज्ञान में एम.फिल, लोक प्रशासन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा और भौतिकी में एम.एससी. की उपाधि प्राप्त हैं। उन्हें 36 वर्षों का समृद्ध अनुभव प्राप्त है. वे 1974 में भारतीय सीमा शुल्क और केंद्रीय उत्पाद शुल्क सेवा में शामिल हुईं और भारत सरकार के विशेष सचिव तथा उत्पाद शुल्क और सीमा शुल्क के केंद्रीय बोर्ड के सदस्य तक के ऊंचे पद तक पहुँचीं और इस पद पर कार्य करते हुये नवम्बर, 2010 में सेवानिवृत्त हुईं. उन्हें राजस्व विभाग के क्षेत्र और साथ ही मंत्रालय के सभी स्तरों पर कार्य करने का समृद्ध और वैविध्यपूर्ण अनुभव है. उन्होंने वाणिज्य मंत्रालय, सांख्यिकी और योजना मंत्रालय और कृषि मंत्रालय में विभिन्न क्षमताओं में मध्यम साथ ही उच्च प्रबंधन दोनों ही स्तरों पर केंद्रीय प्रतिनियुक्ति आधार पर भी कार्य किया. अपने कैरियर के दौरान उन्हें बाथ, ब्रिटेन के विश्वविद्यालय में प्रशिक्षण प्राप्त हुआ जिससे उन्हें वित्तीय अध्ययन में दूसरी स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त हुई. उन्होंने कई महत्वपूर्ण रिपोर्टें लिखीं जैसे भारतीय सांख्यिकीय प्रणाली के आधुनिकीकरण पर रिपोर्ट तथा ख और ग वर्ग के कैडर की सेवाओं के पुनर्गठन पर लिखीं रिपोर्ट शामिल है. उन्होंने 26.08.2014 से प्रभावी करते हुये 25.08.2017 तक तीन वर्षों की अवधि के लिए शेयरधारक निदेशक के रूप में पद ग्रहण किया.

श्री रमेश कुमार भट, शेयरधारक निदेशक

श्री रमेश कुमार भट, आयु 58 वर्ष, रिसर्च फेलो (हारवर्ड), पीएचडी और एमफिल उपाधि प्राप्त हैं. वे हारवर्ड विश्वविद्यालय और दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र हैं, वे आईआईएम, अहमदाबाद में प्रोफेसर, आईटीआई लिमिटेड के बोर्ड के सदस्य, बीईएमएल के बोर्ड के सदस्य और मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सलाहकार हैं. उन्हें कार्पोरेट वित्त में शिक्षण, अनुसंधान और परामर्श के क्षेत्र में विशेषज्ञता प्राप्त है.  उन्हें 30 वर्ष का अनुभव प्राप्त है. उन्होंने 26.08.2014 से प्रभावी करते हुये 25.08.2017 तक तीन वर्ष की अवधि के लिए शेयरधारक निदेशक के रूप में पद ग्रहण किया.