संस्था की यात्रा

हर संस्था की शुरुआत साधारण स्तर पर होती है, लेकिन उस संस्था के लिए कार्य करनेवाले लोगों का जुनून उसे महान बनाता है। इसका प्रमाण कार्पोरेशन बैंक की यात्रा में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है, जहाँ अपने दार्शनिक लक्ष्य के प्रति पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ विरासत को सँजोया जा रहा है। लगभग 110 वर्ष पहले 1906 में मात्र रु.5000/- की शुरुआती पूंजी के साथ प्रारंभ हुये कार्पोरेशन बैंक का व्यापार रु.3,45,493 करोड़ और उससे भी अधिक हो गया है और उसने देश भर में 10,204 सेवा केन्द्रों की स्थापना की है और उसके 19,000 से अधिक प्रतिबद्ध कार्प बैंकर ग्राहकों को सेवा प्रदान कर रहे हैं। उसके स्पृहणीय वित्तीय निष्पादन के ट्रैक रिकॉर्ड में उसकी सफलता दृष्टिगोचर होती है। प्रसन्न होने के हमारे पास कई कारण हैं, उनमें से सबसे मुख्य है, ग्रामीण और शहरी आबादी दोनों का सशक्तिकरण करते हुये राष्ट्रनिर्माण में भागीदार होना। आज हमें इस बात पर गर्व है कि देश की अर्थव्यवस्था के विकास में हम महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

सबसे तेज़

1980 में राष्ट्रीयकृत होने वाले कार्पोरेशन बैंक ने वित्तीय क्षेत्र के सुधारों के अनुकूल अपने को ढ़ालने और उन्हें अपनाने में अग्रणी रहा। 1997 में, पूंजी बाज़ार में प्रवेश करनेवाला यह देश का दूसरा सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक बना और इसका आईपीओ 13 गुना अधिक सबस्क्राइब हुआ। बैंक कई क्षेत्रों में पथप्रदर्शक रहा – नकदी प्रबंधन सेवा, स्वर्ण बैंकिंग, एम-कॉमर्स, शिक्षा ऋणों का "ऑनलाइन" अनुमोदन, 100% सीबीएस अनुपालन और हाल ही में, कम-लागत वाले शाखारहित बैंकिंग – व्यापार प्रतिनिधि मॉडल के तकनीक को सुदूर गावों में ग्रामीण जनता तक ले जाने का उसका नवोन्मेशी प्रयास शामिल है। यह सब ग्राहकों को सुविधापूर्ण बैंकिंग उपलब्ध कराने की उसकी कटिबद्धता का प्रतीक है।

कार्पोरेशन बैंक में, हमें, नवोन्मेशी उत्पाद और सेवाओं से लैस होकर अपने ग्राहकों को उच्च स्तरीय सेवा प्रदान करते हुये बैंकिंग के क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने का जुनून प्रेरित करता है, जिसने हमें बनाया है देश का एक अग्रणी सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक, जो सेवा प्रदान कर रहा है एक विस्तृत ग्राहकों की श्रृंखला को जिसमें शामिल है एक आम नागरिक से लेकर कारपोरेट ग्राहक तक।