बैंक का ध्येय-वाक्य, संस्कृत में "सर्वे जनाः सुखिनो भवन्तु" है, तात्पर्य है "सभी के लिए समृद्धि", इसे बैंक के कामकाज़ में भलीभाँति क्रियान्वित किया जाता है।

 

बैंक के चिह्न में विभिन्न आकृतियाँ हैं, जैसे, कामधेनु (इच्छापूर्ती का द्योतक), तराजू (सभी के लिए न्याय), चक्र (औद्योगिक प्रगति) और गेहु की बालियाँ (कृषि संपदा) जो विश्वव्यापी खुशहाली और इच्छापूर्ति मंत्र तुल्य हैं। वर्तमान बैंक के चिह्न जो 1972 में अपनाया गया था जब बैंक के नाम को केनरा बैंकिंग कार्पोरेशन (उडुपि) लिमिटेड से कार्पोरेशन बैंक में परिवर्तित किया गया था।